मंगलवार, 18 अगस्त 2026

पञ्चांग: 19अगस्त 2026, बुद्धवार



सुभ–प्रभात
पञ्चांग
19अगस्त 2026, बुद्धवार 
 
ब्रह्मा का: द्वितीय परार्ध
कल्प: श्री श्वेतवाराहकल्प
मन्वंतर: वैवस्वतमन्वन्तर 
कलियुग: अट्ठाईसवाँ कलियुग
कलि चरण: प्रथम चरणे 
द्वीप:  जम्बु द्वीप
खण्ड: भरत खण्ड
वर्ष: भारत वर्ष
क्षेत्र: मधुपुरी क्षेत्र
नगर: धौलपुर नगर
अवतार: बौद्धावतार
संवत:
  1. विक्रम संवत् - 2083,  
  2. संवत्सर: सिद्धार्थी संवत्सर 
  3. शक संवत् - 1948, परभाव
अयन: दक्षिणायन
मास: श्रावण शुक्ल पक्ष 
आज का पंचांग

स्थान : धौलपुर, राजस्थान, भारत।

    1. विक्रम संवत् - 2083, सिद्धार्थी
    2. शक संवत् - 1948, परभाव
    3. पूर्णिमांत - श्रवण
    4. अमांत माह - श्रावण
    तिथि
    1. शुक्ल पक्ष सप्तमी   - 18 अगस्त 05:50 अपराह्न - 19 अगस्त 07:19 अपराह्न
    2. शुक्ल पक्ष अष्टमी   - 19 अगस्त 07:19 अपराह्न - 20 अगस्त 09:18 अपराह्न
    नक्षत्र
    1. स्वाति - 18 अगस्त सुबह 04:58 – 19 अगस्त सुबह 06:46
    2. विशाखा - अगस्त 19 06:46 पूर्वाह्न - अगस्त 20 09:08 पूर्वाह्न

    करण
    1. गरिजा - 18 अगस्त 05:51 अपराह्न - 19 अगस्त 06:31 पूर्वाह्न
    2. वनिजा - 19 अगस्त 06:31 पूर्वाह्न - 19 अगस्त 07:20 अपराह्न
    3. विष्टि - 19 अगस्त 07:20 अपराह्न - 20 अगस्त 08:16 पूर्वाह्न
    योग
    1. ब्रह्मा - 19 अगस्त पूर्वाह्न 03:22 – 20 अगस्त पूर्वाह्न 03:43
    2. इंद्रा - 20 अगस्त सुबह 03:43 बजे – 21 अगस्त सुबह 04:24 बजे
    वारा
    1. बुधवार (बुधवार)
    त्यौहार और व पर्व
    1. तुलसीदास जयंती 


       

      तुलसीदास जयंती का दिन महान हिंदू संत और कवि गोस्वामी तुलसीदास की जयंती का उत्सव है। वे महान हिंदू महाकाव्य रामचरितमानस के प्रशंसित लेखक भी थे। तुलसीदास जयंती पारंपरिक हिंदू पंचांग के श्रावण महीने में कृष्ण पक्ष (अंधेरे पखवाड़े) की सप्तमी (सातवें दिन) को मनाई जाती है। ग्रेगोरियन पंचांग का पालन करने वालों के लिए यह तिथि अगस्त महीने में पड़ती है। रामायण मूल रूप से वाल्मीकि द्वारा संस्कृत में लिखी गई थी और इसे समझना केवल विद्वानों के लिए ही संभव था। लेकिन जब तुलसीदास की रामचरितमानस अस्तित्व में आई, तो इस प्रसिद्ध महाकाव्य की महानता आम लोगों के बीच फैल गई। यह अवधी भाषा में लिखी गई थी, जो हिंदी की एक बोली है। इसलिए तुलसीदास जयंती का दिन इस महान कवि और उनके कार्य के सम्मान में समर्पित है।


    सूर्य और चंद्रमा का समय
    1. सूर्योदय - सुबह 6:08 बजे
    2. सूर्यास्त - शाम 6:52
    3. चंद्रोदय - 19 अगस्त दोपहर 12:07 बजे
    4. चंद्र अस्त - 19 अगस्त, रात 11:06 बजे
    अशुभ अवधि
    1. राहु - दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 2:06 बजे तक
    2. यामागंडा - सुबह 7:44 बजे से सुबह 9:19 बजे तक
    3. गुलिका- सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
    4. दुर्मुहूर्त- दोपहर 12:05 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक
    5. वर्ज्यम - 12:55 अपराह्न - 02:40 अपराह्न
    शुभ अवधि
    1. अभिजीत मुहूर्त - शून्य
    2. अमृत ​​काल - 11:27 PM - 01:13 AM
    3. ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 04:32 – प्रातः 05:20 तक
    आनंदादि योग
    1. धुमरा (थुमरा) - 06:46 AM तक
    2. प्रजापति (धाता)
    सूर्य राशि
    1. सिंह राशि में सूर्य
    चंद्र राशि
    1. चंद्रमा 20 अगस्त को सुबह 2:30 बजे तक तुला राशि में गोचर करेगा और उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा।
    चंद्र माह
    1. अमंता - श्रावण
    2. पूर्णिमांत - श्रवण
    3. शक वर्ष (राष्ट्रीय कैलेंडर) - श्रावण 28, 1948
    4. वैदिक ऋतु - वर्षा (मानसून)
    5. द्रिक ऋतु - वर्षा (मानसून)
    चंद्राष्टमा
    1. 1. पूर्वा भाद्रपद अंतिम 1 पदम, उत्तरा भाद्रपद, रेवती

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